हनीट्रैप में फंसाकर उगाही करने वाले पुलिसकर्मियों समेत 15 लोग गिरफ्तार, 2 महिलाएं भी शामिल

नोएडा पुलिस ने सोमवार रात लोगों से लिफ्ट लेकर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर लाखों रुपये वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ब्लैकमेलिंग और भ्रष्टाचार के इस गोरखधंधे में सेक्टर-44 पुलिस चौकी इंचार्ज, तीन सिपाही, दो महिलाओं और तीन पीसीआर चालक सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी ने चौकी इंचार्ज सहित चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि दो लोगों ने शिकायत दी थी कि सेक्टर-44 पुलिस चौकी क्षेत्र में पुलिस की मदद से एक गिरोह वाहन चालकों पर झूठा केस दर्ज करने की धमकी देकर वसूली कर रहा है। आरोपियों ने पैसे न देने के चलते शिकायत करने वाले एक पीड़ित यमुना एक्सप्रेस वे के ठेकेदार की कार भी चौकी में खड़ी कर रखी थी। उससे एक लाख रुपये मांगे गए थे। इसके बाद एसएसपी ने सीओ प्रथम के नेतृत्व में टीम गठित करके सोमवार रात को पीड़ित को 50 हजार रुपये लेकर चौकी में भेजा। जैसे ही सेक्टर-44 पुलिस चौकी में तैनात तीन सिपाहियों ने पीड़ित से पैसे लिए तो टीम ने रंगेहाथ बागपत निवासी सिपाही मनोज कुमार, मेरठ के वंसुधरा कॉलोनी निवासी सिपाही अजयवीर सिंह, इटावा के गांव उधमपुर निवासी सिपाही देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। फिर सिपाहियों की निशानदेही पर चौकी इंचार्ज मथुरा के गांव नगला जयसिंह निवासी एसआई सुनील शर्मा, गिरोह के मास्टरमाइंड फरीदाबाद सेक्टर-23ए निवासी सतीश उर्फ अंकित, उसकी पत्नी वीनिता, पीसीआर निजी चालक सेक्टर-66 ममूरा निवासी विपिन सिंह, संभल के गिन्नौर निवासी चालक दुर्वेश, गढ़ी चौखंडी निवासी चालक राजेश, न्यू अशोक नगर निवासी अनूप, हरौला निवासी सलीम खान, हरियाणा पलवल के पेलक निवासी हरिओम शर्मा, दिल्ली जैतपुर बदरपुर निवासी सुरेश कुमार, मीठापुर बदरपुर निवासी देशराज अवाना और फरीदाबाद के जवाहर कॉलोनी निवासी पूजा को गिरफ्तार किया है। गिरोह की एक महिला अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों से तीन कार और पीड़ितों से वसूले 50 हजार रुपये बरामद किए हैं।

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