सड़क दुर्घटना में ज़ख्मी 25 वर्शीय युवक के हाथों में संवेदना लौटाने के लिए की सफल ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी सर्जरी के लिए की सफल ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी सर्जरी

25-year-old man injured in a road accident in the hands of the brachial plexus injury condolences to return successful brachial plexus injury in surgery successful surgeryनोएडा, 29 मार्च, 2016: फोर्टिस हाॅस्पिटल, नोएडा ने नोएडा, 29 मार्च, 2016: सड़क दुर्घटना में बुरी तरह ज़ख्मी हुए एक 25

वर्शीय युवक की असाधारण सफल सर्जरी कर उसे नई ज़िंदगी दी। मेडिकल षब्दावली में इस सर्जरी को

ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी सर्जरी कहा जाता है। यह सर्जरी करने वाली टीम का नेतृत्व किया फोर्टिस फोर्टिस

हाॅस्पिटल, नोएडा के कंसल्टेंट (प्लास्टिक, रिकंस्टंक्टिव एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डाॅ एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डाॅ. एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट) के डाॅ.अरविंद

जैन ने किया। जैन

करीब डेढ़ साल पहले मनीश कुमार अपने गृहनगर में एक सड़क दुर्घटना का षिकार हो गए थे। इस

दुर्घटना में लगी चोट के कारण उनके दोनों हाथों में किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं हो रही थी।

अनगिनत फिज़िषियनों से परामर्ष करने का भी कोई नतीजा नहीं निकला और सर्जन भी उनके हाथों की

स्थिति में कोई सुधार लाने में सफल नहीं हो सके।

जब मनीश को फोर्टिस हाॅस्पिटल, नोएडा में डाॅ. अरविंद जैन के पास लाया गया, तो उन्हें चोट लगे करीब

एक साल गुज़र चुका था और सुधारात्मक (करेक्टिव) सर्जरी कराने का समय निकल चुका था। कई

डायग्नोस्टिक टेस्ट करने के बाद पता चला कि मनीश को ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी चोट है। आमतौर पर

बेहतर नतीजों के लिए दुर्घटनाओं में इस तरह की चोट लगने के तीन महीने के भीतर ही सुधारात्मक

सर्जरी हो जानी चाहिए।

दरअसल, ब्रेकियल प्लेक्सस नसों का एक नेटवर्क होता है, जो रीढ़ की हड्डी से कंधों, भुजाओं और हाथों

तक संकेत भेजता है। इस पर चोट लगने के संकेतों और लक्षणों में लंगड़ाना या भुजाओं में लकवा मारना,

कलाई, हाथ या भुजाओं की मांसपेषियों पर नियंत्रण नहीं रहना और हाथ या भुजा में स्पर्ष या संवेदना का

समाप्त होना षामिल है। हालांकि ब्रेकियल प्लेक्सस में चोट की कई वजहें हो सकती हैं लेकिन इसकी

सबसे आम वजह नस का दबना या फैलना होता है। ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी का मतलब होता है रीढ़ की

हड्डी के गर्दन वाले क्षेत्र में मौजूद आपस में जुड़ी हुई नसों के झुंड को चोट लगने से होता है। इस झुंड

की नसों की षाखाएं ही आपके कंधों, भुजाओं और हाथों तक जाती हैं। ब्रेकियल प्लेक्सस चोटों की

गंभीरता अलग- अलग हो सकती है और हाथों की गतिविधि में सुधार के लिए गहन फिज़ियोथेरेपी बहुत

ज़रूरी होती है।

फोर्टिस हाॅस्पिटल, नोएडा के कंसल्टेंट प्लास्टिक, रिकं फोर्टिस हाॅस्पिटल, नोएडा के कंसल्टेंट प्लास्टिक, रिकंस्टंक्टिव एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डाॅ स्टंक्टिव एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डाॅ. स्टंक्टिव एंड ऐसथेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट1⁄2 के डाॅ.
अरविंद जैन ने कहा, ’’कुछ ब्रेकियल प्लेक्सस चोटें हल्की अरविंद जैन ने कहा होती हैं और उनसे व्यक्ति कुछ ही सप्ताह में

उबर सकता है। हालांकि गंभीर चोटों से हाथों में स्थायी विकलांगता भी हो सकती है। इस मामले में

इलाज मिलने में हुई देरी के बावजूद यह सर्जरी करने का जोखिम उठाया गया और रोगी व उसके परिवार

को इस सर्जरी के अच्छे व बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया था। परिवार व रोगी ने सर्जरी का

जोखिम उठाने की हिम्मत दिखाई।’’

फोर्टिस हाॅस्पिटल, नोएडा के क्षेत्रीय निदेषक श्री गगन सहगल ने बताया, ’’डाॅ. अरविंद जैन ने इस केस में हगल

अपनी विषेशज्ञता का योगदान कर रोगी के हाथों में संवेदना व अहसास लौटाकर अपनी उपलब्धियों में एक

और सफलता जोड़ ली है। ब्रेकियल प्लेक्सस चोट के साथ जीवन की परिस्थिति इसके रोगियों के लिए

काफी अवसादपूर्ण हो सकती है और उनके हाथों में रोजमर्रा के काम करने के लिए फिर संवेदना लाना

किसी चमत्कार से कम नहीं होता। नसों और धमनियों में फिर संवेदना लाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी की

जाती है और यह हमारे रोगियों को बेहतर क्लीनिकल इलाज उपलब्ध कराता है।’’

सड़क दुर्घटनाओं में सबसे आम चोट ब्रेकियल प्लेक्सस की ही होती है और इन्हें काफी गंभीर माना जाता

है क्योंकि इससे व्यक्ति के हाथों में लकवा मार सकता है। सड़क दुर्घटना में घायल हुए कई व्यक्तियों को

इस परिस्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि इस बारे में लोगों के बीच जागरूकता का स्तर

बहुत कम है। दुर्भाग्य की बात है कि इसके बारे में कोई सलाह भी नहीं देता है और अब समय आ गया है

कि इस बारे में समुदायों को जागरूक बनाया जाए। षोध में सामने आया है कि सड़क दुर्घटनाओं के

षिकार व्यक्तियों में से करीब 2 से 3 फीसदी को लकवा मार जाता है और यह अपरिवर्तनीय परिस्थिति

नहीं है लेकिन इस चोट के इलाज में देरी होने से इसके ठीक होने की संभावना कम हो जाती है।

फोर्टिस हैल्थकेयर लिमिटेड के बारे में फोर्टिस हैल्थकेयर लिमिटेड के बारे में

फोर्टिस हैल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी की स्वास्थ्य सेवाओं

में अस्पतालों के अलावा डायग्नाॅस्टिक एवं डे केयर स्पेष्यलिटी सेवाएं षामिल हैं। फिलहाल कंपनी भारत

समेत दुबई, माॅरीषस और श्रीलंका में 54 हैल्थकेयर सुविधाओं 1⁄4इनमें वे परियोजनाएं भी षामिल हैं जिन पर

फिलहाल काम चल रहा है1⁄2, करीब 10,000 संभावित बिस्तरों और 283 डायग्नाॅस्टिक केंद्रों का संचालन कर

रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.