इन्साफ की आवाज़ बने भाई रऊफ सिद्द्दिक़ी

उत्तरप्रदेश के नोयडा क्षेत्र सहित अलग अलग क्षेत्रों में ,, निष्पक्ष , निर्भीक  पत्रकारिता  की अलख जगाते हुए , शोषित ,उत्पीड़ित लोगों की इन्साफ की आवाज़ बने भाई रऊफ सिद्द्दिक़ी , नोएडा सहित आसपास के लोगों में इन्साफ की उम्मीद बने है ,,, जी हाँ दोस्तों ,रऊफ सिद्दीक़ी ,,किसी पहचान के मोहताज नहीं ,,इनका अपना खुद का दैनिक अख़बार ,,दैनिक जनता की खोज ,पुरे आठ रंगीन पेज में प्रकाशित होता है ,जिसमे ,राजस्थान ,उत्तर प्रदेश ,हरियाणा ,दिल्ली ,केंद्र और राज्यों संबंधित महत्वपूर्ण खबरे ,, ,योजनाए ,,सरकार के ज़ुल्म ज़्यादत्तियों की कहानी होती है , इस क्षेत्र में सरकार से प्रताड़ित मज़दूर ,गरीब ,बेबस , लाचार लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए बेबाक रिपोर्टिंग होती है ,, रऊफ सिद्दीक़ी की क़लम ,उनकी पत्रकारिता से  रोज़ मर्रा कई दर्जन प्रताड़ित लोगों को हुकूमत से इन्साफ मिलता है ,और प्रताड़ित हर शख्स इनके अख़बार के दफ्तर में आता है ,,समस्या बताता है ,,, खबर का प्रकाशन होता है ,,संबंधित विभाग , पत्रकारिता की बेबाक खबरों से खौफ खाते है और प्रताड़ित शख्स को बुलाकर , उसकी समस्या का समाधान करते है , पत्रकारिता को ,समस्या समाधान ,, शोषित ,उत्पीड़ित लोगों के इंसाफ़ से जोड़ना ,,नियमित खतरों के खिलाड़ी बनकर ,, बेबाक रिपोर्टिंग करना ,तलवार की धार पर चंलने के समान है , लेकिन घर फूंक कर तमाशा देखने , और अपनी जान हथेली पर ,लेकर चलने वाले ,भाई  रऊफ सिद्दीक़ी की क़लम ,,न बिकी ,है , न झुकी  है ,बस क़लम चलती है ,,कागज़ के कलेजे पर लोगों के दुःख दर्द उकेरती है और उनकी समस्याओं के समाधान की वजह भी बनती है ,,, ,भाई रऊफ सिद्दीकी ,,  जे के के फिल्म प्रोडक्शन के नाम से भी ,,कारोबार में है ,इसी बैनर तले , ,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकारिता में उनका बेबाक यू ट्यूब चैनल है ,जिसके लाखों लाख फॉलोवर्स है ,जो नियमित ज़मीन  से जुड़ी खबरों के प्रसारण के साथ , यू ट्यूब चैनल , प्रसारण सिस्टम में अव्व्वल बना हुआ है ,,, रऊफ सिद्दीक़ी राहत ऐ आम ,,समाजसेवी संस्था  राहत ऐ आम ,, के अध्यक्ष है ,,यूँ तो इस संस्था के माध्यम से ,अपने स्वभाव के मुताबिक़ रऊफ सिद्दीक़ी  रोज़ नियमित ,, प्रताड़ित लोगों की समस्याये सुनते है प्रशासन , सरकार तक उन समस्याओं को पहुंचाकर उनका समाधान करवाते है ,लेकिन हाल ही में  कोरोना महामारी काल में ,लोकडाउन से प्रताड़ित लोगों के लिए भाई रऊफ सिद्दीक़ी की पूरी टीम इनकी संस्था ,राहत ऐ आम , के ज़रिये ,, बिना धर्म ,जाति ,समुदाय ,ऊंच नीच ,पार्टी पॉलिटीक्स के भेदभाव के ,, खिदमत में लगे ,,महीनों भूखों , ज़रूरतमंदों को खाने के पैकेट वितरित करवाए ,मास्क ,सेनेटाइज़र्स की व्यवस्थाएं करवाई ,जो लोग फंसे हुए थे  ,, उन्हें प्रशासन से समन्वय स्थापित कर ,,उनके अपने गाँवों में पहुंचाया ,,, उनका खिदमत ऐ ख़ल्क़ का काम आज भी जारी है ,,भाई रऊफ सिद्दीिकी का ,,  जनरेटर का भी कारोबार है , लेकिन लोकडाउन की अवधि में कई ग्रामीण ,दूर दराज़ के लोग ,जब अपने अपन गाँव के क्षेत्रों में ,,अँधेरे से जूझते हुए ,जनरेटर की मांग करने लगे ,तो इन्होने खुद घाटा खाकर ,ऐसे ज़रूरतमन्दों को जनरेटर उपलब्ण्ध करवाकर ,रिकॉर्ड क़ायम किया है ,, तो दोस्तों भाई रऊफ सिद्दीिकी ,पत्रकारिता के वर्तमान हालातों में बेबाक रिपोर्टिंग ,निष्पक्ष पत्रकारिता , लूट खसोट व्यवसायिक बुराइयों से अलग थलग , एक बेहतरीन क़लमकार की ऐसी मिसाल है ,जिनकी क़लम , सिर्फ शोषित ,उत्पीड़ितों ,गरीबों को इन्साफ दिलाने के लिए चलती है ,,रऊफ सिद्दीक़ी ,,क़लम भी चलाते है ,और इनकी सोच भी ,  लोगों की खिदमत के लिए ,हमेशा भौतिक रूप से हर क़दम पर ज़रूरत मंदों के साथ नज़र आती है ,,  पत्रकारिता कमाई का ज़रिया ही  नहीं ,खिदमत ,और लोगों को   इन्साफ  दिलाने  का एक मिशन है ,, यह  देश को भाई रुऊफ सिद्दीक़ी  , उनकी पत्रकारिता ,  उनके सेवा कार्यों के जज़्बों से हमे सीखने मिलता है ,भाई रऊफ सिद्दीक़ी को सेल्यूट ,सलाम ,, ,भाई रऊफ सिद्दीक़ी  को इनके सेवाकार्यों को देखते हुए ,प्रशासनिक स्तर पर ,,कई समाजसेवी ,  पत्रकारिता संगठनों ने अनेकों बार ,,  समारोह में पुरस्कृतभी  किया है ,,,, , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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