आधुनिकता को अपनाओं लेकिन अपनी भारतीयता को न भूलो

But not to forget their Indian modernity Apanaonबंसत ऋतु के आते ही हर तरफ प्यार का माहौल बन जाता है और कहा जाता है कि प्राचीन काल से ही हमारे देश में मदनोत्सव मनाया जाता था वही अब वैलेंटाइन का रूप ले चुका है। यह कोई पश्चिम की सभ्यता नहीं है लेकिन बात है उस उत्सव को किस तरह मनाया जा रहा है यह कहना था पांचवे इंटरनेशनल ग्लोबल फैस्टिवल आॅफ जर्नलिज्म के अंतिम दिवस पर समारोह के अध्यक्ष संदीप मारवाह का जिनका मानना है आधुनिकता को अपनाओं लेकिन भारतीयता व अपनी सभ्यता को न भूलो। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित हुए जिनमें प्रमुख है भारत में स्लोवेनिया के राजदूत जोसफ ड्रोफेनिक, फिल्मी मैगजीन के एडिटर विनोद मिरानी, आईएएस अधिकारी पंकज सिंह।
विश्व एकीकरण में मीडिया की अहम भूमिका पर सेमीनार के आयोजन में बोलते हुए जोसेफ ड्रोफेनिक ने कहा आजकल का मीडिया बहुत ही विशाल हो गया है कोई भी खबर कुछ ही सेकंेड में पूरे विश्व में फैल जाती है फिर चाहे वो अच्छी हो या बुरी। इसमें सोशल मीडिया का भी बहुत बड़ा हाथ है और आज की आम जनता सोशल मीडिया के जरिए पूरे विश्व से जुड़ गयी है। विनोद मिरानी ने छात्रों को बताया कि रचनात्मकता व प्रतिभा खरीदी नहीं जा सकती यह तो इंसान में जन्मजात होती है, अगर आप क्रियेटिव हैं तो यह आपको बहुत आगे ले जाएगा। अशोक त्यागी सभी को वेलेंटाइन दिवस की मुबारकबाद देते हुए कहा जिंदगी में अगर प्यार न हो तो कुछ नहीं है और हर इंसान के लिए उसका पहला प्यार उसका काम होना चाहिए क्योंकि अगर आप अपने काम को प्यार करते हैं तो आप कभी नहीं हार सकते। 
समारोह के अंत में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों ने नृत्य व गायन द्वारा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संस्थान के निदेशक संदीप मारवाह ने आए हुए सभी अतिथियों को इंटरनेशनल जर्नलिज्म संेटर की आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया। 

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