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लॉकडाउन एक उपाय है विकल्प नहीं

लॉकडाउन एक उपाय है विकल्प नहीं

पिछले 500 वर्षों में फ्लू की 15 महामारियां फैल चुकी हैं। इनमें से 1890 के बाद फैली महामारियों की ही वैज्ञानिक पड़ताल हुई है। इतना ही नहीं, 1957 की ‘एशियन…

हमारे इम्तहान का वक़्त

हमारे इम्तहान का वक़्त

हम हिन्दुस्तानियों की कुटैव  है कि अपनी बलाएं हुकूमत के सिर मढ़ दो और  शांत रह बैठो ।इसबार वक्त इसकी इजाजत नहीं दे रहा। कोरोना नाम का जो वायरस कल…

डिजिटल दुनिया में अपने बच्चे को ऐसे रखें सुरक्षित

डिजिटल दुनिया में अपने बच्चे को ऐसे रखें सुरक्षित

इंटरनेट पर हमारी निर्भरता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इंटरनेट हमारे लिए जितना जरूरी है, अगली पीढ़ी के लिए उससे कहीं ज्यादा। दूसरी ओर देखा जाए तो इस दुनिया में…

पढ़ाई से बचने के लिए सीखी निशानेबाजी

पढ़ाई से बचने के लिए सीखी निशानेबाजी

मेरठ के कलीना गांव के रहने वाले सौरभ का पढ़ाई में बहुत मन नहीं लगता था। गणित के सवाल तो उनके सिर के ऊपर से ही निकल जाते थे। पढ़ाई…

परवरिश: बच्चे बड़े होकर बाहर जाएं पढ़ने तो ऐसे स्वीकारें नए बदलाव को

परवरिश: बच्चे बड़े होकर बाहर जाएं पढ़ने तो ऐसे स्वीकारें नए बदलाव को

बच्चे बड़े होते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किसी दूसरे शहर निकल जाते हैं। पीछे छोड़ जाते हैं, खाली घर। जहां माता-पिता को एक नए सिरे…

नई उड़ान को तैयार अल्पसंख्यक

नई उड़ान को तैयार अल्पसंख्यक

किसी भी राष्ट्र की तरक्की सीधे-सीधे उसके लोगों, उसकी आबादी की तरक्की से जुड़ी होती है। इसीलिए मोदी सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र को लेकर आगे बढ़ रही है।…

राष्ट्र की चिंता है तो चिंतन करें

राष्ट्र की चिंता है तो चिंतन करें

हमारे अपार्टमेंट के कई फ्लैट बंद पड़े हैं , कारण अधिकांश परिवारों के बच्चे विदेशों में बस गए हैं और देर सबेर ही सही अपने बूढे माँ बाप को भी…

डीएवीपी विज्ञापन नीति पर लीपा अध्यक्ष सुभाष सिंह का पत्र: जरुर पढ़ें

डीएवीपी विज्ञापन नीति पर लीपा अध्यक्ष सुभाष सिंह का पत्र: जरुर पढ़ें

पिछले दो महीने से डीएवीपी एड पॉलिसी को लेकर हम सभी परेशान हैं और इस पॉलिसी के विरोध में लीपा द्वारा अनेक कोशिश की गयी बल्कि हम सबने अपने अपने स्तर…

घुन लगते स्थानीय निकाय

घुन लगते स्थानीय निकाय

बड़े शहरों की तरह ही छोटे शहरों.कस्बोंकी बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए संस्थाएं बनाई गई। देश प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के कारण इसमें भी जनप्रतिनिधियों को रखा गया।…

किसानों की दुर्दशा

फसल किसान की रीढ़ होती है, इसके सहारे ही उसके परिवार की नैया पार होती है। सूबे में इस साल धान किसानों की हालत पतली है। खेत-खलिहान और घरों में…

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