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चौराहे का दीया (लघुकथा)

चौराहे का दीया (लघुकथा)

दंगों से भरा अखबार मेरे हाथ में है पर नजरें खबरों से कहीं दूर अतीत में खोई हुई हैं । इधर मुंह से लार टपकती उधर दादी मां के आदेश…

छोड़ आए हम जो गलियाँ…. – रुचि भल्ला

छोड़ आए हम जो गलियाँ…. – रुचि भल्ला

लौतिफ़ा का साथ वैसे तो गुड़गाँव में मुझे डेढ़ साल ही मिला फ़िर वह बंगाल चली गई थी पर वह हमेशा के लिए एक रिश्ता जोड़ गई मुझसे। मेहनत कश….…

LIFE IS MY PROBLEM – संदीप नय्यर

LIFE IS MY PROBLEM – संदीप नय्यर

मेरा बड़ा बेटा जब पंद्रह वर्ष का था तो बहुत परेशान रहता था, तनाव और अवसाद में रहता था. मैंने उससे पूछा कि आखिर तुम्हारी समस्या क्या है? सारी सुख-सुविधाएँ…

मुफ्त प्रवेश के साथ 24वां दिल्ली पुस्तक मेला शुरू, 120 से अधिक प्रकाशक ले रहे हिस्सा

मुफ्त प्रवेश के साथ 24वां दिल्ली पुस्तक मेला शुरू, 120 से अधिक प्रकाशक ले रहे हिस्सा

दिल्ली के प्रगति मैदान में शनिवार से 24वां दिल्ली पुस्तक मेला शुरू हो गया। इस बार यहां आने वाले सभी लोगों के लिए मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था रखी गई है,…

गांधी जी ने राष्ट्रभाषा का गुजरातियों के बीच किया प्रतिपादन

गांधी  जी ने राष्ट्रभाषा का गुजरातियों के बीच किया प्रतिपादन

जिस उत्साह से गांधी जी ने गुजरातियों के बीच राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी के महत्व का प्रतिपादन किया। उसी उत्साह एवं निष्ठा के साथ वे देश के विभिन्न भागों…

व्यंग्य: चौबीस घंटे

व्यंग्य: चौबीस घंटे

एक दिन में चौबीस घंटे होते हैं। सोमवार हो, मंगलवार या कोई और वार, दिन का नाम बदल जाता है, घंटे नहीं बदलते। हर आदमी के दिन में चौबीस घंटे…

व्यंग्य : जीत गये तो डर गये

व्यंग्य : जीत गये तो डर गये

उनका असली नाम जंग बहादुर सिंह नहीं है। पर, वे हैं जंग बहादुर। उन्होंने एक बड़ी जंग लड़ी। और, तमाम उम्मीदों के खिलाफ जीती। फिर, बड़ी अनहोनी हो गयी। जंग…

व्यंग्य: राजनीति में घोड़ा लोग का है बड़ा महत्व

व्यंग्य: राजनीति में घोड़ा लोग का है बड़ा महत्व

आजकल राजनीति में घोड़ लोगें का महत्व भोत बढ़ गएला है। जानकार लोग बोलता है कि जनहित पार्टी का स्वामी ने अपना साथी लोग को बोला है− राजनीति में अपना…

मन में धर्म नहीं हो तो फिर कैसे मंदिर, कैसी मस्जिद

मन में धर्म नहीं हो तो फिर कैसे मंदिर, कैसी मस्जिद

नगर नया हो या पुराना, हर मोहल्ले या कालोनी की अपनी कुछ विशेषता होती है। मेरे एक मित्र ने दो साल पूर्व एक कॉलोनी में मकान लिया। कई बार उसने…