दिल्‍ली सीरियल बम ब्‍लास्‍ट में एक दोषी को दस साल की सजा, दो आरोपी बरी

Delhi serial blasts a convict sentenced to ten years, the two accusedदिल्ली की पटियाला हाउस ने कड़ी सुरक्षा के बीच चर्चित सरोजनी नगर बम ब्लास्ट पर अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया और बाकी दो अन्य को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। बता दें कि 29 अक्टूबर, 2005 को धनतेरस के मौके पर दिल्ली में हुए इस सीरियल ब्लास्ट में 60 लोगों की जानें गईं थी।

दिल्ली को दहलाने वाले इस आतंकी हमले का 11 साल बाद इंसाफ आया है। इस मामले में लश्कर ए तैयब्बा के कथित आतंकी तारिक अहमद डार सहित 3 लोगों पर देशद्रोह, हत्या जैसे संगीन वारदात में मुकदमा चलाया गया था।

इसी सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह इस पर फैसला सुनाने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए गुरुवार का दिन तय किया था। फैसला गुरुवार को दोपहर 12 बजे के बाद आने की उम्मीद है। इस मामले में अक्टूबर, 2005 में धनतेरस के दिन सरोजनी नगर मार्केट में लश्कर के आतंकियों ने धमाका किया था। इसमें करीब 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उक्त अपराध के लिए तारीक अहमद, मोहम्मद हुसैन फैजली और मोहम्मद रफीक शाह को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2008 में अदालत ने तीनों पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ना, हत्या, हत्या के प्रयास और आ‌र्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए थे।

यहां पर बता दें कि 29 अक्टूबर, 2005 को दीपावली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए थे। 2 धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज जैसे मुख्य बाजारों में हुए, जबकि तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें 60 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 210 लोग घायल हुए थे।

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