सिम स्वाइप का शिकार हुआ बुजुर्ग, खाते से निकले 25 लाख रुपए

नोएडा में एक सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी महावीर मित्तल सिम स्वाइप गैंग का शिकार हुए जिसमें उनके बचत खाते से 25.1 लाख रुपए उड़ा लिए गए। इंडसइंड बैंक में था। जालसाजों ने उनके नाम की एक डुप्लीकेट सिम निकलवाई और फिर खाते से 25.1 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए।

14 जून को बैंक ने मित्तल को बताया कि 12 जून को उनके खाते से 25.1 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। बैंक ने जानकारी दी कि यह रकम 5 लाख कोटक महिंद्रा बैंक, की अकबरपुर यूपी, में ट्रांसफर किए गए हैं। 6.3 लाख रुपए बैंक ऑफ बड़ोदा की इलाहाबाद ब्रांच में ट्रांसफर किए गए जबकि 13.8 लाख रुपए नोएडा और पश्चिम बंगाल के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।

इसके बाद मित्तल ने आनन फानन में नोएडा साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई। 11 जून को मित्तल जब एयरटेल स्टोर पर जाकर शिकायत की कि उनका नंबर बंद हो गया है तो कर्मचारियों ने बताया कि उनका नंबर तो दूसरे फोन पर चल रहा है। पहले जालसाजी करने वालों ने उनके सिम को बंद कराया और उसकी जगह नया सिम निकलवाया। इसके बाद उनके अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर नए सिम पर आए ओटीपी का इस्तेमाल किया और 25.1 लाख रुपए उड़ा दिए।
आरबीआई के नियमों के अनुसार, ऐसे में मामलों में पीड़ित को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाता। क्योंकि उनके बैंकिंग सिस्टम से कोई भी ऐसे ऑनलाइन पैसे नहीं निकाल सकता है जब तक कि उपभोक्ता अपनी गोपनीय सूचनाएं किसी को साझा नहीं करता।

उधर कई राज्यों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर होने से पुलिस को भी रिकवरी करने में मुश्किल हो रहा है।

लेकिन यदि आप कुछ सावधानी बरतें तो ऐसी धोखाधड़ी सेब बच सकते हैं-

1- काफी समय तक आपका फोन नेटवर्क कवरेज से बाहर रहता है तो तुरंत सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से शिकायत करें।

2- बैंक पिन या पासकोड अप्लाई करने के लिए अपने सिम कार्ड का इस्तेमाल करें यानी अपना मोबाइल नंबर ही दें।

3- नियमित रूप से अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट चेक करते रहें।

4 – बैंक से पैसे निकालने पर एसएमएस और ईमेल दोनों अलर्ट एक्टीवेट कराकर रखें।

5- अपना मोबाइल नंबर भूलकर भी किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न डालें।

6- अपना 20 अंकों वाला सिम नंबर किसी को भी न दिखाएं।

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