टैबलेट मिलने पर ब्राजील के राष्‍ट्रपति बोले- PM नरेंद्र मोदी ने हनुमान की तरह दी ‘संजीवनी बूटी’

ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में रामायण के उस प्रसंग का जिक्र किया है, जिसमें लक्ष्मण की जान बचाने के लिए बजरंगबली हिमालय से संजीवनी बूटी लाते हैं ।

कोरोना वायरस के उपचार में कई जगह मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल के कारण भारत ने इसके निर्यात पर प्रतिबंध को आंशिक रूप से खत्म किया है। भारत कोरोना वायरस से प्रभावित अमेरिका और कई अन्य देशों को इस दवा की आपूर्ति कर रहा है।

लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील में कोरोना वायरस के करीब 14,000 मामले सामने आए हैं और इस महामारी से 660 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है । दुनियाभर में कोरोना वायरस से 75,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं । ब्राजील के राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि दोनों देश साथ मिलकर इस वैश्विक संकट से उबर जाऐंगे । रामायण के अलावा उन्होंने ईसा मसीह का भी जिक्र किया है ।

बोलसोनारो ने मंगलवार को पत्र में लिखा कि जैसे हनुमानजी, भगवान राम के भाई लक्ष्मण की जान बचाने के लिए दवा (संजीवनी बूटी) लेकर आए थे और ईसा मसीह ने बीमार लोगों को ठीक किया, भारत और ब्राजील भी साथ मिलकर इस वैश्विक संकट से पार पा सकते हैं।

बोलसोनारो ने कहा कि ब्राजील को उम्मीद है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से उनके देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के उपचार में मदद मिलेगी। ब्राजील के राष्ट्रपति ने पत्र में लिखा, ”दूसरे देशों की तरह ही ब्राजील को भी आशा है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल कोविड-19 से संक्रमितों के उपचार में कारगर दवा है।

भारत ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत इस दवा का सबसे बड़ा निर्यातक है । मंगलवार को उसने प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटा लिया गया। पत्र में बोलसोनारो ने मोदी से यह सुनश्चित करने का आग्रह किया कि दवा पर प्रतिबंध लागू होने से पहले उसे दवा की आपूर्ति की जाए।

उन्होंने कहा कि ब्राजील की दो प्रयोगशाला ईएमएस और एप्सेन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिए कच्चा माल आयात करती है और देश में आपूर्ति दो कंपनियों पर आश्रित है। साथ ही कहा है कि पिछले 10 साल से भी ज्यादा समय से भारत से दवा का आयात होता रहा है।

ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों कंपनियां कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के असर के संबंध में नतीजों का अध्ययन कर रही है। उन्होंने दवा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच भागीदारी का भी उल्लेख किया है और कहा कि ब्राजील की दवा कंपनियों का लंबे समय से भारत की कंपनियों के साथ भागीदारी है।

मोदी और बोलसोनारो ने शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने महामारी से निपटने में सहयोग के तरीकों पर चर्चा की।

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