सीकर : जिले में सूदखोरों का फल – फूल रहा है कारोबार*

*शादाब सिद्दीकी*
*हार्ड रिकवरी से दहशत में है लोग, पुलिस नही कर रही मदद, पीड़ित आत्महत्या तक करने को है मजबूर*

*सीकर : जिले में सूदखोरों का फल – फूल रहा है कारोबार*

लोक डाउन और कोरोना जैसी महामारी के चलते रोजगार को लेकर आम आदमी की कमर भले ही टूटी हुई हो लेकिन सीकर जिले में सूदखोरों का धंधा जोरों पर चल रहा है।
सूदखोर अपना धंधा चमकाने के लिए गरीबों और जरूरतमंदों को दो रुपये से लेकर 25 रुपये सैंकड़ा तक ब्याज पर पैसा दे रहे है । पैसा चुकता नही होने पर ये उन्हीं गरीबो और मजबूर लोगों को डराते धमकाते है। पीड़ित को इस कदर दहशतजदा कर देते है कि या तो वो अपनी दुकान या मकान का उनके नाम बेचान करें नही तो ये सूदखोर और उनके किराए के गुंडे मारपीट करने पर उतारू हो जाते है।
बिल्कुल ऐसा ही एक वाकिया सामने आया है। सीकर शहर की मोहल्ला न्यू रोशनगंज की रहने वाली दौलत बानो ने सन् 2011 में अपनी बड़ी बेटी की शादी में सीकर के ही रहने वाले अब्दुल सत्तार भाटी नामक एक सूदखोर से साढ़े चार लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। पीड़िता ने बदले में सूदखोर को 9 लाख रुपये चुका भी दिए। लेकिन सूदखोर अभी भी उसमे कई लाखों रुपयों का हिसाब बकाया बता रहा है।
सूदखोर ने महिला का अनपढ़ होने का भरपूर फायदा उठाया और अपने पैसों के बदले में बैंक से लोन दिलवाने के बहाने से टाईपशुदा कागजातों पर अंगूठा लगवा लिए। साढ़े चार लाख के बदले 9 लाख चुकता करने के बाद भी सूदखोर ने महिला से और पैसों की मांग करता रहा। महिला को इस कदर डराया धमकाया गया कि अगर उसने पैसे नही दिए और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की तो उसके पति को जान से मरवा देगा।
सूदखोर ने महिला को एक दशक तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा और महिला अपनी इज्जत का ख्याल कर उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नही कर सकी। महिला से जब सूदखोर का जी भर गया तो उसे पैसों की भूख लगने लगी।
चार साल पहले सूदखोर के खिलाफ जिला एसपी को शिकायत करने पहुंच भी चुकी थी। लेकिन इज्जत और पति का ख्याल आया तो पांव वापस खींच लिए। एसपी से मिले बगैर ही घर वापस लौट आयी।
सूदखोर ने जब सारी हदें पार करदी तो पीड़िता ने हिम्मत करके अपनी पीड़ा समाज के लोगों के सामने रखी। समाज जब साथ खड़ा हुआ तो दौलत बानो आत्म मनोबल भी बढ़ा। एक प्रार्थना पत्र लेकर सीधा एसपी डॉ. गगनदीप सिंगला के चेम्बर में जाकर उनको अपनी पूरी गाथा सुनाई।
एसपी ने परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए। एसपी से शिकायत करने पर सूदखोर ने दौलत बानो को जान से मारने का प्लान बना लिया। दो दिन बाद ही दौलत और उसके पति पर हमला बोल दिया। उसके पति की जमकर पिटाई की गई और खुद पीड़िता को नीचे पटक लिया गया। उसके साथ बदतमीजी की गई।
20 जुलाई 2020 की रात्रि उसके साथ घटी इस घटना की रिपोर्ट लेकर वो पुलिस चौकी पहुंची तो पुलिस उसकी मदद करने की बजाय उसको ही हड़काने लगी।
अपना और अपने पति का मेडिकल करवाने और शिकायत दर्ज करने के लिए गुहार लगाती रही लेकिन किसी भी पुलिस वाले का दिल नही पसीजा। तीन दिन तक उसको बयान देने के लिए चक्कर कटवाते रहे लेकिन किसी ने उसका बयान दर्ज नही किया और ना ही उसकी शिकायत दर्ज की गई। हारथक कर दिनांक 28 जुलाई 2020 को दौलत बानो फिर सीकर जिला एसपी के पास अपनी पीड़ा लेकर पहुंची। एसपी ने तत्काल मामला दर्ज करने के आदेश पारित किये। सीकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमे की जांच सहायक पुलिस इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह को सौंपी गई। जांच अधिकारी ने महिला को बयान और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस जारी कर बुलाया। महिला ने जानकारी देते हुवे प्रेस को बताया कि उससे बयान इस तरह से लिए गए जैसे वो परिवादी नही बल्कि एक मुलजिम हो। एक पीड़ित महिला के साथ पुलिस का जो रवैया होना चाहिए वैसा नही हुआ बताया। सूदखोर के हाथों सर लिखे हुवे हिसाब के कागजों की छायाप्रति भी साक्ष्य के रूप में दी गयी है।सबसे मजेदार बात तो ये है कि इस मामले में जब जांच अधिकारी से प्रेस का एक प्रतिनिधि जानकारी आदान प्रदान करने पहुंचा तो जांच अधिकारी उसके भी गले पड़ गया और जबरन गवाह बनाने पर उतारू हो गया। जांच अधिकारी ने मीडियाकर्मी को भी डराने की कोशिश की।
इस मामले में पीड़िता ने न्याय के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस के आलाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़िता ने अपनी गुहार में ये भी कहा है कि मुकामी पुलिस से न्याय मिलना मुश्किल है इसलिए अनुसन्धान सीआईडी सीबी से करवाई जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.