दुनिया के सात अजूबे जिनकी अपनी है अलग ही कहानी, जानिए इनकी खासियत

दुनिया के सात अजूबो के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के इन अजूबों के बारे में कि ये क्या हैं। इनमें जो भी खास हैं उन्हें दुनिया के सबसे अच्छे अजूबे क्यों माना जाता है। अगर नहीं तो आइए आपको बताते हैं इन सभी चीजों के बारे में विस्तार से।

1. क्राइस्ट द रिडीमर

ब्राजील में रियो डि जनेरो के कार्कोवैडो पर्वत की चोटी पर जीसस क्राइस्ट का यह स्टैचू क्राइस्ट द रिडीमर में स्थित है। ये स्टैचु करीब 32 मी.ऊंचा है और इसका वेट 700 टन है। इसका निर्माण साल 1922 से 1931 के बीच किया गया था। यह काफी सुंदर स्टैचु है। रात के वक्त इसका नजारा कुछ अलग ही देखने लायक होता है। 5 वीं सदी ईसा पूर्व से बननी शुरू हुई ये दीवार और 16 वीं सदी तक बनती ही रही। ये दीवार चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गई थी। यह दुनिया की सबसे लंबी मानव निर्मित रचना है जो करीब 4000 मील और 6,400 किलोमीटर तक फैली हुई है। ये दीवार 35 फुट ऊंचा है जो इसे सुरक्षा देती है।

दुनिया के सात अजूबो के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के इन अजूबों के बारे में कि ये क्या हैं। इनमें जो भी खास हैं उन्हें दुनिया के सबसे अच्छे अजूबे क्यों माना जाता है। अगर नहीं तो आइए आपको बताते हैं इन सभी चीजों के बारे में विस्तार से।

1. क्राइस्ट द रिडीमर

ब्राजील में रियो डि जनेरो के कार्कोवैडो पर्वत की चोटी पर जीसस क्राइस्ट का यह स्टैचू क्राइस्ट द रिडीमर में स्थित है। ये स्टैचु करीब 32 मी.ऊंचा है और इसका वेट 700 टन है। इसका निर्माण साल 1922 से 1931 के बीच किया गया था। यह काफी सुंदर स्टैचु है। रात के वक्त इसका नजारा कुछ अलग ही देखने लायक होता है।
2. चीन की दीवार
5 वीं सदी ईसा पूर्व से बननी शुरू हुई ये दीवार और 16 वीं सदी तक बनती ही रही। ये दीवार चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गई थी। यह दुनिया की सबसे लंबी मानव निर्मित रचना है जो करीब 4000 मील और 6,400 किलोमीटर तक फैली हुई है। ये दीवार 35 फुट ऊंचा है जो इसे सुरक्षा देती है।
3. जार्डन का ‘पेट्रा’

ऐतिहासिक शहर पेट्रा इस जगह कई सारी इमारतें हैं जिसका निर्माणा लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ है और लगभग सभी पर गजब की नक्काशी की गई है। पेट्रा में 138 फुट ऊंचा मंदिर,नहरें और पानी के तालाब भी है। पेट्रा जॉर्डन के लिए बेहद खास है।

4.ताजमहल

मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम साहिबा मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाया था। ताजमहल सन 1632 में बनना शुरू हुआ था जो करीब 15 साल बाद बनकर पूरा हुआ। अपनी खूबसूरती के लिए चर्चित ये गुंबदों वाला महल चारों ओर से बगीचों से घिरा हुआ है।
5. रोम का कॉलोसियम
ये एक काफी बड़ा खेल स्टेडियम है जिसे करीब 70 वीं सदी में सम्राट वेस्पेसियन ने बनवाना शुरू किया था। इसमें 50,000 तक लोग एक साथ होकर जंगली जानवरों और गुलामों की खूनी लड़ाइयों के खेल को देखते थे। वैसे इस स्टेडियम में सांस्कृतिक प्रोग्राम भी होते थे। इस स्टेडियम जैसा आज तक भी कोई स्टेडियम नहीं बन पाया है।
6. माचू पिच्चू

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में माचू पिच्चू स्थित इंका सभ्यता से जुड़ा हुआ एक ऐतिहासिक जगह है। जो समुद्र तल से करीब 2,430 मीटर ऊंचाई पर उरुबाम्बा घाटी के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित है। बता दें कि माचू पिच्चू को इंकाओं का खोया शहर के नाम से भी जाना जाता है। ये इंका शासन के सबसे खास प्रतीकों में से एक है। जिसको 7 जुलाई 2007 दुनिया के 7 अजूबों में से एक घोषित किया गया था।

7. चिचेन इत्जा
चिचेन इट्जा, आधुनिक मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप के उत्तरी सिरे पर स्थित है। यह एक मायावी शहर था। जो बाद में टोलटेक सभ्यता से प्रभावित हुआ। ये  79 फीट की ऊंचाई तक बना हुआ है।  इसकी चार दिशाओं में ९१ सीढ़ियां हैं हर एक सीढ़ी साल के एक दिन का प्रतीक है ये 365 वां दिन ऊपर बना चबूतरा है।

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