सर्दियों में त्वचा की देखभाल करने के ये हैं बेस्ट तरीके, चंद दिनों में चेहरे में दिखेगा निखार

यह साल कुछ ही दिनों के मेहमान हैं। ठंड अपने पूरे शबाब पर है। हालांकि सर्दी का अपना मजा है, पर हर मौसम की तरह यह मौसम भी कुछ समस्याएं साथ लाता है। इस मौसम का प्रभाव त्वचा पर तुरंत दिखने लगता है। त्वचा रूखी हो जाती है, पैर की एड़ियां फटने लगती हैं, होंठ फटने लगते हैं। कई बार त्वचा में खुजली भी होने लगती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन समस्याओं से बचने के लिए पहले से ही कुछ उपाय करने की आवश्यकता है।
नमी बनाए रखने पर ध्यान दें

डर्रकी कपूर, सलाहकार और कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट, द एस्थेटिक क्लिनिक्स, मुंबई कहती हैं, ‘त्वचा संबंधी परेशानियों से बचने का एक ही उपाय है कि सर्दियों में त्वचा की नमी को न खोने दें। त्वचा की ऊपरी सतह से नमी कम होने के कारण ही वह रूखी होती है।’

एपिडर्मिस या बाह्य त्वचा, स्किन सेल्स (त्वचा की कोशिकाओं) और लिपिड्स (वसा) से मिलकर बनती है, जो त्वचा को नम और मुलायम रखते हैं। सर्दियों में त्वचा में खुश्की का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि सर्द हवाएं त्वचा की नमी को चुराती हैं।

धूप कम निकलने के कारण इसकी भरपाई भी नहीं हो पाती। रूखी-सूखी त्वचा में कई समस्याएं होने लगती हैं। जैसे- खुजली, लालिमा,  खुश्की और बैक्टीरियल संक्रमण होना। त्वचा के रूखेपन के कारण कई बार एग्जिमा की समस्या भी हो जाती है और रूखी त्वचा में खारिश से कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं। एस्टर प्राइम हॉस्पिटल, हैदराबाद की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. विजय लक्ष्मी कहती हैं,

‘डायबिटीज, हाइपरटेंशन और एलर्जी के रोगियों को सर्दी में विशेष रूप से अपनी त्वचा की विशेष देखभाल करने की जरूरत है। इसके लिए नहाने से आधा घंटे पहले नारियल तेल, ऑलिव ऑयल या ताजे मक्खन से त्वचा की मालिश करनी चाहिए। नहाने के लिए मॉइस्चराइजर युक्त साबुन का इस्तेमाल करें।’

नहाने के लिए अत्यधिक गर्म पानी की बजाय हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। सर्दियों में त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए हरी साग-सब्जियां, सेब, एवोकाडो, नारंगी, संतरे, कीनू आदि का नियमित सेवन करें। डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. पल्लवी सुले के अनुसार, हाइड्रेशन के लिए शरीर को ढक कर रखना, सनब्लॉक का इस्तेमाल और गुनगुना पानी इस्तेमाल करना जरूरी है। तापमान नीचे जाते ही लोग पानी कम पीने लगते हैं। इससे त्वचा की नमी खोने लगती है। इसलिए शरीर की जरूरत के मुताबिक नियमित पानी पीना जरूरी है।

ऐसी हो दिनचर्या-
कॉस्मेटिक सर्जरी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कॉस्मेटिक सर्जन
डॉ. मोहन थॉमस कहते हैं, जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, मौसम में ठंडक,  और सूखापन बढ़ता जाता है। ऐसे में त्वचा को थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। कभी-कभी तो मौसम बहुत तेजी से बदलने लगता है, इसलिए पहले से इसकी देखभाल जरूरी है। अन्यथा शरीर के अलग-अलग हिस्से की त्वचा खासतौर पर हाथ, चेहरा और होंठ रूखे होने लगते हैं। इसलिए बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल संबंधी दिनचर्या में बदलाव भी जरूरी है। अपनी त्वचा की किस्म पहचानें, उसकी जरूरतों को समझें और इसी के अनुसार देखभाल के नियम बनाएं। जरा सी देखभाल पूरी सर्दी आपकी त्वचा को मुलायम और नम बनाए रखेगी।

त्वचा के लिए फायदेमंद खुराक
एक और बात जो सर्दियों में ध्यान रखने योग्य है, वह है- त्वचा के लिए लाभकारी खाद्य पदार्थों का सेवन। अगर खानपान सही नहीं होगा तो सौंदर्य प्रसाधन भी कारगर साबित नहीं होंगे। शरीर के अंदर जो भी चल रहा होता है, उसका प्रभाव सबसे पहले चेहरे पर ही नजर आता है। इसलिए आपके खानपान में विटामिन्स, एमिनो एसिड्स और मिनरल्स का सही-समुचित और संतुलित अनुपात होना चाहिए, तभी त्वचा स्वस्थ रह सकती है।

डाइजेस्टिव हेल्थ इंस्टीट्यूट (डॉ. मुफी) की डायटीशियन डॉ. अफाफ शेख कहती हैं, ‘पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए त्वचा की भी देखभाल जरूरी है। नियमित खानपान को संतुलित रखने से न सिर्फ शरीर को सभी पोषक तत्वों की आपूर्ति होती रहती है, बल्कि त्वचा भी स्वस्थ रहती है।

अपने आहार में प्रोबायोटिक्स जैसे फर्मेंटेड या सिरकायुक्त अचार, योगर्ट और प्रीबायोटिक्स जैसे लहसुन, एस्पैरेगस, डेंडलिन (एक तरह का हर्ब) को शामिल करें। इससे शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण मिलता है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। फैटी एसिड युक्त खानपान जैसे सामन और मैकरेल (समुद्री मछली), चिया सीड्स (तुलसी की तरह का हर्ब), फ्लैक्स सीड्स (अलसी के बीज), अखरोट, गेहूं के अंकुर, स्विस कार्ड (एक तरह का साग), बादाम बटर, ऑलिव्स, एवोकाडो, बादाम और सूरजमुखी के बीज सर्दियों में सेहत और त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। इनके सेवन से त्वचा का रूखापन दूर होता है और वह हाइड्रेट होती है।’

विटामिन सी युक्त पदार्थों जैसे-स्ट्रॉबेरी, ब्रॉक्ली, केल, सिट्रस फूड्स और शिमला मिर्च के सेवन से कोलेजन स्तर बढ़ता है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को थोड़ा कम करने में सहायक है और त्वचा की सेहत को ठीक रखता है। इसी तरह विटामिन ए युक्त गाजर, शकरकंद, कद्दू या सीताफल, खरबूजा और बेरीज में एंटी-ऑक्सिडेंट्स की प्रचुर मात्रा होती है, जो त्वचा की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं। इनके नियमित सेवन से त्वचा में पिग्मेंटेशन या मुंहासों, दाग-धब्बों और झुर्रियों में कमी आती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.