आपकी छुट्टियां बीतेंगी खुशनुमा, अपनाएं ये टिप्स

पूरे परिवार के साथ कहीं घूमने जाना खयालों में तो बहुत अच्छा लगता है, लेकिन हकीकत इतनी खुशनुमा नहीं होती। कैसे इन छुट्टियों को सच में बनाएं खुशनुमा, बता रही हैं पूनम महाजन

फैमिली वेकेशन यानी पूरे परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जाना जहां एक तरफ बेहद खुशी व रोमांच भरा होता है, वहीं दूसरी तरफ छुट्टियों की पूरी योजना बनाना और परिवार के सभी सदस्यों को संभालना उतना ही टेंशन भरा काम। अलग-अलग लोग यानी अलग-अलग पसंद-नापसंद और स्वभाव। ऐसे में सबके स्वभाव के अनुरूप व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम साबित नहीं होता। आइये जानें कि फैमिली वेकेशन की योजना और व्यवस्था किस प्रकार की जाए ताकि फैमिली ड्रामा कम हो और पूरा परिवार छुट्टियों का सच में मजा उठा पाए।

योजना में बदलाव के लिए रहें तैयार
पूरे परिवार के साथ छुट्टियों पर घूमने जाने का मतलब है कि हर किसी की अलग-अलग डिमांड का ध्यान रखना। इसलिए कोई भी योजना निश्चित नहीं करें, बल्कि समय के अनुसार योजना में बदलाव करने के लिए हमेशा तैयार रहें। अकसर हम चाहते हैं कि हमारी योजना में कोई बदलाव नहीं हो, लेकिन पूरे परिवार के साथ ऐसा संभव नहीं है। यदि आप सबकी इच्छा का ध्यान रखते हुए समय-समय पर योजना में बदलाव नहीं करेंगी तो आपस में बहस या झगड़े की वजह से सारे टूर का मजा भी किरकिरा हो सकता है।

?जगह की न हो कमी
बड़े परिवार के साथ घूमने जा रही हैं तो होटल के 2 या 3 कमरे बुक करके कमरे शेयर करने की योजना आपके लिए र्आिथक रूप से तो कारगर साबित हो सकती है, लेकिन जगह की कमी परिवार के सदस्यों को परेशान कर सकती है। इसलिए होटल के छोटे कमरे बुक करने के बजाय विला बुक करें या फिर होम-स्टे का विकल्प देखें। इस तरह आपको पूरे परिवार के साथ रहते हुए टूर का भरपूर आनंद उठाने का पर्याप्त मौका मिल जाएगा।

पैसे की बात कर लें पहले
जब आप पूरे परिवार के साथ बाहर घूमने जा रही हैं तो अधिक खर्च के दबाव के कारण खुद को असहज व तनावपूर्ण स्थिति में आने से बचने के लिए ट्रैवल के खर्च का पूरा अनुमान व बजट पहले ही तैयार कर लें और सबके साथ साझा करें।  परिवार के किसी एक सदस्य को हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी सौंप दें और यात्रा पर निकलने से पहले अपना-अपना शेयर उस एक व्यक्ति को सौंप दें।

स्क्रीन टाइम की न करें अनदेखी
परिवार के कुछ सदस्यों को फोन, टीवी, आईपैड आदि में व्यस्त रहना पसंद होता है। उनके स्क्रीन के समय पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की बजाय उन्हें अपने तरीके से छुट्टियां मनाने दें, क्योंकि ऐसा करने से उनके मनोरंजन में खलल पड़ सकती है। जिसको जैसे पसंद हो, उसे वैसे ही छुट्टियों का मजा लेने दें। पर डिनर, लंच आदि के समय सबको एक साथ बैठकर खाना खाने का नियम जरूर बनाएं, वरना परिवार के साथ छुट्टियां  मनाने के आनंद का महत्व ही नहीं रहेगा।

अपनी मर्जी न चलाएं
रोजमर्रा के काम के लिए हर किसी के अपने नियम होते हैं। हालांकि आपको लगता होगा कि आपका तरीका सबसे बेहतर है, लेकिन अपनी सोच व आदत को दूसरों पर थोपना उचित नहीं है। आपको केवल यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हर कोई अपने तरीके से छुट्टियों का मजा ले और कहीं कुछ नाटक न हो। सबके साथ बहुत सारी सेल्फी लेकर, देर रात तक जगकर गपशप करके, सबकी पसंद के भोजन को शेयर करके आप परिवार के सभी सदस्यों को छुट्टियों के दौरान खुश रख सकती हैं।

हर कीमत पर नाटक से बचें
एक परिवार के रूप में आप जानती हैं कि किस बात या एक्टिविटी पर परिवार के सदस्यों को गुस्सा आ सकता है या  मूड खराब हो सकता है। इसलिए वेकेशन के दौरान  किसी भी विवादास्पद मुद्दे से बचें। ऐसे लोगों को एक-दूसरे से दूर ही रखें, जिनमें छत्तीस का आंकड़ा हो, क्योंकि उनमें किसी भी बात पर झगड़ा होना निश्चित है। साथ ही किसी भी ऐसे टॉपिक पर चर्चा से बचें, जिसकी वजह से बहस हो सकती है।
(ट्रैवल एंड टूर प्लानर हिना शर्मा से बातचीत पर आधारित)

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